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झहद कृपा बरसती पान खाती थी जल्दी लौट गई हिंदी दिवस अपनाकर हिंदी अमृत है औषधि में अनियंत्रित आजादी विषयाअमृत पढ़ाई नहीं की दृढ़ विश्वास हर दिन बोली अमृत हिंदी से प्यार नानी मेरी विचारधारा सराबोर पावन आशीष दे पदप्रतिष्ठा नशे मेंं मदमस्त ना

Hindi अमृत पान Quotes